बीकानेर में बढ़ता अपराध – प्रशासन बैठा शांत!
अपराधी क्या लगते हैं प्रशासन के घरवाले..?
बीकानेर, जिसे सांस्कृतिक धरोहर और शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है, आज अपराधों की वजह से सुर्खियों में है। चोरी, लूट, नशे का कारोबार और मारपीट की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। शहर की गलियों से लेकर मुख्य बाज़ारों तक, आम जनता अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रही।
प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े करती है
अपराध बढ़ रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नज़र नहीं आती। लोग शिकायत करते-करते थक चुके हैं, लेकिन अपराधी खुलेआम घूमते हैं। क्या अपराधियों से प्रशासन को डर है? या फिर अपराधियों और सत्ता के बीच कोई अदृश्य रिश्ता जुड़ा हुआ है?
जनता की परेशानी
रात को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
महिलाएँ और छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
आम दुकानदार और व्यापारी लगातार चोरी-डकैती से परेशान हैं।
अपराधियों को कौन देता है शह?
ये सबसे बड़ा सवाल है। क्या ये अपराधी किसी के आशिर्वाद पर पल रहे हैं? अगर नहीं, तो क्यों इन्हें रोकने की कोशिश नहीं की जाती?
प्रशासन से सवाल
👉 क्या अपराधियों को पकड़ना मुश्किल है, या इच्छाशक्ति की कमी है?
👉 क्या बीकानेर की जनता को असुरक्षा में जीना ही पड़ेगा?
👉 क्या अपराधियों को सजा देना प्रशासन की प्राथमिकता नहीं है?
निष्कर्ष
बीकानेर के लोग अब खामोश दर्शक नहीं बने रह सकते। हर नागरिक को अपनी आवाज़ बुलंद करनी होगी और प्रशासन से जवाब मांगना होगा। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।
बीकानेर प्रशासन – जनता आपसे पूछ रही है: अपराधी क्या लगते हैं आपके घरवाले..?
बीकानेर में बढ़ता अपराध – प्रशासन बैठा शांत!
Modern technology has become a total phenomenon for civilization, the defining force of a new social order in which efficiency is no longer an option but a necessity imposed on all human activity.
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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