बीकानेर। पीबीएम हॉस्पिटल की जर्जर हालत एक बार फिर खुलकर सामने आई है।
मंगलवार रात जनाना विंग में अचानक छत का भारी प्लास्टर भरभराकर नीचे आ गिरा।
खुशकिस्मती से उस वक्त कोई मरीज या परिजन मौजूद नहीं था—जबकि ठीक नीचे महिलाओं के बैठने की टेबल रखी हुई थी।
अगर यह हादसा दिन के समय होता, तो गंभीर चोट या जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था।
ये पहली बार नहीं… अस्पताल में गिरते प्लास्टर बन चुके हैं खतरे की घंटी दिन में इसी स्थान से दर्जनों लोग गुजरते हैं—महिलाएं, मरीज और परिजन यहीं बैठते हैं।
यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है।
पहले भी पीबीएम में कई जगह प्लास्टर गिरा
हाल ही में मेडिकल कॉलेज का एक हिस्सा बारिश में धराशायी
फिर भी न निरीक्षण हुआ, न रखरखाव
सवाल साफ है—प्रशासन कब जागेगा?
इतने संवेदनशील स्थानों में रखरखाव की लापरवाही मरीजों और परिजनों की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है।



