बीकानेर। कहते हैं बिजली विभाग में करंट कभी भी लग सकता है—इस बार करंट एसीबी ने दिया। श्रीडूंगरगढ़ तहसील में सोमवार को एसीबी ने ऐसी कार्रवाई की कि पूरा बिजली महकमा झनझना उठा। रिश्वत की ‘लाइन’ जोड़ते हुए लाइनमैन विनोद कुमार पुनिया को एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ लिया—वो भी तब, जब वह खुलेआम सौदे की रकम वसूल रहा था।मामला लिखमीसर उतरादा निवासी एक किसान के कृषि कुएं से जुड़ा है, जिस पर 3.54 लाख रुपये की वीसीआर थमा दी गई थी। आरोप है कि इस भारी-भरकम बिल को “हल्का” कराने और सेटलमेंट के नाम पर लाइनमैन ने 1.45 लाख में सौदा तय किया। चालाकी देखिए—1.15 लाख तो विभाग में जमा कराने का नोटिस दिलवा दिया गया, और बाकी रकम ‘सेवा शुल्क’ बनकर जेब में जाने वाली थी।
शिकायत मिलते ही एसीबी ने पहले सत्यापन किया, फिर पूरी स्क्रिप्ट के साथ ट्रैप रचा। जैसे ही रिश्वत की रकम हाथ में आई, एसीबी ने पर्दा गिरा दिया—आरोपी मौके पर ही धर लिया गया। टीम ने रकम जब्त कर ली है और पूछताछ जारी है।इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है—कहीं यह ‘सिंगल फेज़’ खेल तो नहीं, पीछे कोई ‘थ्री-फेज़’ नेटवर्क भी हो सकता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी—क्योंकि अब रिश्वत लेने वालों को भी पता चल गया है, करंट इधर-उधर नहीं, सीधा पड़ता है।



