कोटगेट–सांखला फाटक का ‘जाम राज’ खत्म करने की तैयारी! दिसंबर तक अंडरपास–अंडरब्रिज, अब फाटक नहीं—फर्राटा चलेगा

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के...
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बीकानेर। शहर के दिल पर रोज़ाना लगने वाले जाम के ‘स्थायी टांके’—कोटगेट और सांखला फाटक—अब इलाज की कतार में हैं। प्रशासन ने दोनों जगह अंडरपास और अंडरब्रिज बनाने की रफ्तार बढ़ा दी है। दावा है कि दिसंबर के अंत तक काम पूरा कर जनता को जाम से मुक्ति दिला दी जाएगी। यानी, फाटक के बंद होने का इंतज़ार नहीं, सीधे नीचे से निकलने का इंतज़ाम!

60 बार फाटक बंद, 60 बार सब्र की परीक्षा
कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग शहर की सबसे बड़ी सिरदर्दी बनी हुई है। 24 घंटे में करीब 60 बार फाटक बंद—नतीजा: घंटों की देरी, गाड़ियों का धुआँ और लोगों का धैर्य तीनों एक साथ खत्म। अब उम्मीद है कि अंडरब्रिज बनते ही ये रोज़ का ड्रामा इतिहास बनेगा।

प्रोजेक्ट की बड़ी बातें (जरा नोट कर लीजिए):
सरकार ने कुल 35 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं—25 करोड़ अंडरपास और 10 करोड़ अंडरब्रिज के लिए। जोधपुर की फर्म ओशिया मां बिल्डर्स को 29.32 करोड़ रुपये का टेंडर मिला है। ठेकेदार को 13 महीने का समय दिया गया है, लक्ष्य वही—दिसंबर का अंत। प्री-कास्ट RCC ब्लॉक बनाने का काम पुरानी जेल (जेलवेल सर्किल) इलाके में शुरू भी हो चुका है।

तकनीक भी तैयार, ब्लॉक भी लाइन में
पूरे प्रोजेक्ट में 62 प्री-कास्ट ब्लॉक लगाए जाएंगे।
सांखला फाटक अंडरपास में 52 ब्लॉक (26 आने, 26 जाने के लिए), हर ब्लॉक का साइज 5×2.5 मीटर।
कोटगेट अंडरब्रिज में 10 ब्लॉक, साइज 4×2.5 मीटर।
मतलब हिसाब-किताब पक्का, अब बारी ज़मीन और नक्शे की।

जमीन अधिग्रहण शुरू, नोटिस जारी
प्रोजेक्ट के लिए 36 संपत्तियों का अधिग्रहण किया जाएगा। कोटगेट पर 13 संपत्तियों से 124.51 वर्ग मीटर और सांखला फाटक पर 23 संपत्तियों से 184.21 वर्ग मीटर जमीन ली जाएगी। बीडीए ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर 30 दिन में आपत्तियां मांगी हैं। कमेटी आपत्तियों का निपटारा करेगी और फिर मुआवजा तय होगा।

लेकिन… नक्शा अभी भी रहस्य
काम शुरू हो गया है, मशीनें चल रही हैं, ब्लॉक बन रहे हैं—लेकिन जनता अब भी कन्फ्यूज़ है। अंडरपास और अंडरब्रिज कहां से शुरू होकर कहां तक जाएंगे, इसका सार्वजनिक नक्शा अब तक सामने नहीं आया। यानी जाम से राहत का वादा तो है, पर रास्ता अभी भी ‘सस्पेंस थ्रिलर’ बना हुआ है।

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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