बीकानेर। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के आह्वान पर आज बीकानेर बंद है—और इस बार बंद सिर्फ सड़कों पर नहीं, सिस्टम पर भी असर डालता दिख रहा है। पर्यावरण प्रेमियों की अपील के बाद प्रशासन अचानक अलर्ट मोड में आ गया है, वहीं व्यापारिक संगठनों ने बंद को खुला समर्थन दे दिया है। हालात ऐसे बने कि शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में लंच टाइम के बाद छुट्टी घोषित करनी पड़ी, जबकि ग्रामीण इलाकों में स्कूल यथावत खुले रखे गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और शहर के प्रमुख इलाकों पर नजर रखी जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) द्वारा यह आदेश रविवार रात करीब साढ़े दस बजे जारी किया गया, जिसने यह साफ कर दिया कि दबाव हो तो फैसले रातों-रात भी बदल सकते हैं। संदेश सीधा है—सरकार शायद खुद न झुके, लेकिन जनता जब खड़ी हो जाती है तो झुकना पड़ता है।




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