बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ महापड़ाव के दौरान 363 से अधिक महिला, पुरुष, संत समाज के लोग एक साथ आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों को तुरंत प्रभाव से लागू नहीं करती। अनशनकारियों ने साफ कहा है — –ना उठेंगे, ना खाना खाएंगे, ना पानी पिएंगे।-यह अनशन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन संकल्प अडिग है। संत समाज और कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि अनशन के दौरान किसी भी व्यक्ति के साथ कुछ भी अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और राज्य सरकार की होगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे किसी टकराव में विश्वास नहीं रखते, लेकिन अगर सरकार ने उनकी आवाज़ अनसुनी की, तो आंदोलन इतना उग्र होगा कि हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा। कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी सीधे कलेक्टर मैडम और सरकार की होगी। सरकार को जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेना होगा, तभी यह अनशन टूटेगा और हालात शांत होंगे।📌 मुख्य मांगे
🔴 खेजड़ी का पेड़ काटने पर ₹5 लाख का जुर्माना
🔴 दोषियों को कम से कम 5 साल की सख्त जेल
🔴 सरकार तुरंत आदेश जारी करे और नियम लागू करे
संतों ने कहा —
“हम तख्तापलट करना भी जानते हैं, लेकिन हम शांति से बात करने में विश्वास रखते हैं।
अगर सरकार ने सुना, तो समाधान निकलेगा —वरना आंदोलन और तेज़ होगा।”
363 से ज़्यादा लोग आमरण अनशन पर — सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान! पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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