बीकानेर में चल रहा खेजड़ी बचाओ महापड़ाव अब एक नया मोड़ लेने जा रहा है। अब तक माँगें सुनी नहीं गईं, तो आंदोलन ने भी साफ़ संकेत दे दिया है — आवाज़ धीमी नहीं होगी, बल्कि और बड़ी होगी। अगर समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में करीब 5 लाख लोग कार्मिक अनशन पर बैठने की तैयारी में हैं। बिश्नोई समाज के साथ-साथ 36 कौम इस आंदोलन में एकजुट होकर खड़ी है। आज बीकानेर में राज्य सरकार की ओर से संत समाज और आंदोलन समिति को बातचीत के लिए बुलाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं इस पूरे विषय पर चर्चा करेंगे।
अब आगे का रास्ता क्या होगा — ये सिर्फ़ भाषणों से नहीं, फैसलों से तय होगा। बातचीत के बाद ही आंदोलन की अगली दिशा तय की जाएगी।
बीकानेर में “खेजड़ी बचाओ” अब सिर्फ़ आंदोलन नहीं,सरकार की अग्नि परीक्षा बनता जा रहा है।
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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