कल रात की घटना सिर्फ निंदनीय नहीं, बल्कि बीकानेर में कानून व्यवस्था पर एक करारा तमाचा है। नागणेची मंदिर के सामने बीच सड़क सरकारी अधिकारी ने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी—साथ में पूरा प्रोटोकॉल और पुलिस कर्मी मौजूद। जाम लगने की आशंका देखते हुए वहीं खड़े एक युवक ने सिर्फ इतना कहा कि “सर, गाड़ी थोड़ा साइड में लगा दीजिए।”बस, इतना कहना ही शायद सबसे बड़ा अपराध था। कानून समझाने वालों ने पहले युवक का मोबाइल तोड़ा, फिर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मजे की बात ये रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय लोग सब कुछ देखते रहे—ना कोई वीडियो, ना कोई आवाज़। शायद डर इतना गहरा है कि अब अन्याय भी चुपचाप सह लिया जाता है।यहां सवाल साफ है—क्या सड़क अधिकारी की निजी जागीर है? क्या वर्दी सवाल सुनने से डरती है? और क्या बीकानेर की जनता को अब सिर्फ तमाशबीन बनकर रहना है? तमाशा देखती रही ‘डरी हुई’ जनता” नीचे चोर बेखौफ पर क्लिक करे



