महिला कॉन्स्टेबल ने चार पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप का आरोप लगाया!

अगर वर्दी ही शिकारी बन जाए, तो इंसाफ कहां ढूंढा जाए? आरोप है कि तत्कालीन एसएचओ उसे रोज़ अपने क्वार्टर पर बुलाता था और रेप करता था। इसके अलावा चार अन्य पुलिसकर्मियों पर भी रेप के आरोप लगाए गए हैं।

puchta hai bikaner
puchta hai bikaner team
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के...
2 Min Read

बीकानेर।
बीकानेर रेंज पुलिस से जुड़ी एक खबर ने कानून व्यवस्था के दावों पर ऐसा तमाचा जड़ा है, जिसकी गूंज दूर तक सुनाई दे रही है। महिला कांस्टेबल ने एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि 2017 से 2025 तक उसे डरा-धमकाकर, नशीला पदार्थ पिलाकर बार-बार दरिंदगी का शिकार बनाया गया—और वो भी उन लोगों द्वारा, जिनका काम अपराध रोकना था। दो सप्ताह पहले महिला कांस्टेबल ने एसपी जय यादव को लिखित शिकायत दी। जांच का जिम्मा वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद बुधवार को सिद्धमुख थाने में एफआईआर दर्ज की गई और उसी दिन पीड़िता का मेडिकल भी कराया गया। यानी मामला इतना “हल्का” नहीं था कि फाइलों में दबाया जा सके।

पीड़िता के अनुसार, 2017 में उसकी ड्यूटी सरदारशहर में थी। इसी दौरान बीकानेर से बिजली विभाग की एक टीम कार्रवाई के लिए आई, जिसके साथ विक्की नाम का युवक भी था। बातचीत शुरू हुई, भरोसा बना—लेकिन बाद में पता चला कि विक्की बिजली विभाग में था ही नहीं। पहली मुलाकात में कुछ नहीं हुआ, मगर कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कुछ समय बाद जब वही टीम दोबारा आई, उस दिन पीड़िता की ड्यूटी नहीं थी। तभी आरोपियों में शामिल एक कॉन्स्टेबल ने फोन कर कहा कि उसकी ड्यूटी लगाई गई हैसुबह 3:30 बजे वह थाने पहुंची—और यहीं से कानून की किताबें मजाक बन गईं। आरोप है कि कॉन्स्टेबल और विक्की उसे होटल ले गए, नशीला पदार्थ पिलाया और रेप किया।महिला कांस्टेबल का आरोप है कि तत्कालीन एसएचओ उसे रोज़ अपने क्वार्टर पर बुलाता था और रेप करता था। इसके अलावा चार अन्य पुलिसकर्मियों पर भी रेप के आरोप लगाए गए हैं। सवाल यह नहीं है कि अपराध हुआ या नहीं—सवाल यह है कि अगर वर्दी ही शिकारी बन जाए, तो इंसाफ कहां ढूंढा जाए?

अब देखना यह है कि जांच सिर्फ कागज़ों तक सीमित रहती है या वाकई “कानून सबके लिए बराबर” साबित होता है।

Share This Article
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
Leave a Comment