बीकानेर में देश की हाई-फाई वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी का जो मामला यात्रियों की नींद उड़ा गया था, उसका खुलासा अब आरपीएफ ने कर दिया है। 6 जनवरी को श्रीडूंगरगढ़–बिग्गा के बीच दौड़ती वंदे भारत के शीशे के अचानक चटकने से अफरा-तफरी मच गई थी। लोग सोच रहे थे—कहीं बड़ी साजिश तो नहीं? लेकिन जांच में सामने आया कि इस ‘सनसनीखेज वारदात’ के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गिरोह नहीं, बल्कि 12 साल का एक बालक निकला।
घटना के तुरंत बाद ट्रेन में तैनात आरपीएफ स्टाफ ने सूचना दी और टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। रतनगढ़ चौकी में रेल अधिनियम की धारा 153 और 147 के तहत मामला दर्ज किया गया। गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक सुभाष बिश्नोई के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। बीकानेर वाशिंग लाइन से मंगवाए गए वंदे भारत के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और आखिरकार सच्चाई सामने आ गई।
देश की प्रीमियम ट्रेन, करोड़ों की तकनीक और सुरक्षा इंतजाम… और चुनौती बन गया बच्चों का खेल! सवाल अब यही है—वंदे भारत की रफ्तार तो तेज है, लेकिन समझदारी कब पटरी पर आएगी?

