बीकानेर में खत्म होते जा रहे हैं पर्यटक स्थल – जिम्मेदार कौन?

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के...
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बीकानेर में खत्म होते जा रहे हैं पर्यटक स्थल – जिम्मेदार कौन?
विधायक और प्रशासन व्यस्त हैं सिर्फ़ अपने घरों को आलीशान बनाने में!
बीकानेर, जिसे कभी पर्यटन की राजधानी कहा जाता था, आज अपनी पहचान खोने के कगार पर है। ऐतिहासिक धरोहरें, किले, हवेलियाँ, तालाब और सांस्कृतिक स्थल धीरे-धीरे या तो जर्जर हो रहे हैं या फिर भू-माफ़ियाओं के कब्ज़े में जा रहे हैं।
पर्यटक स्थल क्यों हैं महत्वपूर्ण?
बीकानेर की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर रहा है। बाहर से आने वाले पर्यटक यहाँ की संस्कृति, भोजन, कला और स्थापत्य देखकर आकर्षित होते थे।
लेकिन अब –
पर्यटक स्थल रखरखाव के अभाव में टूट रहे हैं।
कई धरोहरों पर गंदगी और अतिक्रमण हावी है।
प्रशासन की अनदेखी से पर्यटक कम होते जा रहे हैं।
जिम्मेदारी किसकी है?
सबसे बड़ी जिम्मेदारी है बीकानेर के विधायक और प्रशासन की, लेकिन अफसोस की बात यह है कि उन्हें जनता या पर्यटन की परवाह नहीं, बल्कि अपने आलीशान बंगले और सुविधाओं की परवाह है।
जनता की नज़रों के सामने उनके घर तो महल जैसे खड़े हो गए, लेकिन शहर की धरोहरें खंडहर बन गईं।
नेता और अफसर – एक ही कहानी
चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं: “पर्यटन को बढ़ावा देंगे, धरोहरों का संरक्षण करेंगे”
लेकिन जीतने के बाद सब वादे धरे रह जाते हैं।
प्रशासन भी नेताओं को खुश रखने में लगा रहता है, जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
पर्यटन में गिरावट का असर
होटल और व्यापार प्रभावित हो रहे हैं।
युवा रोजगार के अवसर खो रहे हैं।
शहर की पहचान मिट रही है।
जनता से सवाल
👉 आखिर क्यों बीकानेर की धरोहरें नेताओं की राजनीति की भेंट चढ़ रही हैं?
👉 क्या विधायक और प्रशासन केवल अपने घर सजाने के लिए चुने गए हैं?
👉 क्या बीकानेर के लोग अपनी आने वाली पीढ़ियों को केवल खंडहर और टूटी धरोहरें ही सौंपेंगे?
निष्कर्ष
बीकानेर की जनता को अब जागना होगा। पर्यटन को बचाना सिर्फ प्रशासन या विधायक का काम नहीं, बल्कि जनता की भी जिम्मेदारी है।
नेताओं से सवाल कीजिए, आवाज़ उठाइए – वरना आने वाले समय में बीकानेर सिर्फ़ किताबों में रह जाएगा, हकीकत में नहीं।

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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