दोस्ती का भरोसा, कार की हेराफेरी: विश्वास के नाम पर चला गया चार पहियों का खेल

puchta hai bikaner
puchta hai bikaner team
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के...
2 Min Read

लूणकरणसर निवासी जगनाथ पारिक ने अपने ही परिचित सुशील कुमार पर कार हड़पने और धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तब सामने आया जब परिवादी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और अदालत ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए।

परिवादी जगनाथ पुत्र कन्हैयालाल पारिक, निवासी सेक्टर-3 लूणकरणसर ने बताया कि उसकी सुशील कुमार पुत्र भंवरलाल, निवासी मघाराम कॉलोनी बीकानेर से पुरानी दोस्ती थी। इसी दोस्ती और भरोसे के चलते उसने अपनी फाइनेंसशुदा कार सुशील को उपयोग के लिए सौंप दी। आरोप है कि सुशील ने कार की डाउन पेमेंट और मासिक किस्तें भरने का भरोसा दिलाया, लेकिन समय बीतता गया और न तो किस्तें भरी गईं, न ही कार लौटाई गई।

जब बैंक से नोटिस आया, तब भी आरोपी ने झूठे आश्वासनों की घुट्टी पिलाकर कार लौटाने से इनकार कर दिया। परिवादी का यह भी आरोप है कि सुशील ने कार का दुरुपयोग किया और उसे गैरकानूनी गतिविधियों में लगाने की धमकी तक दे डाली। 18 नवंबर को जब जगनाथ ने स्पष्ट रूप से कार वापस मांगी, तो आरोपी ने साफ मना कर दिया।

इसके बाद परिवादी ने पुलिस थाना लूणकरणसर में रिपोर्ट दी, लेकिन वहां से भी न्याय की गाड़ी आगे नहीं बढ़ी। हताश होकर 20 नवंबर को जिला पुलिस अधीक्षक बीकानेर को प्रार्थना पत्र सौंपा गया, परंतु तब भी मामला दर्ज नहीं हुआ। आखिरकार न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध बनता पाया और पुलिस थाना लूणकरणसर को मामला दर्ज कर विधि अनुसार जांच के आदेश दिए।

न्यायालय के आदेशानुसार एफआईआर दर्ज कर ली गई है और प्रकरण की जांच एएसआई सुरेश कुमार को सौंपी गई है। अब देखना यह है कि दोस्ती की आड़ में चला यह ‘कार कांड’ कानून की कसौटी पर कितनी दूर तक जाता है।

Share This Article
Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
Leave a Comment