बीकानेर में अब धुएँ और शोर से भरे सफर को अलविदा कहने की तैयारी है। शहर की सड़कों पर जल्द ही 75 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी, जो न सिर्फ आधुनिक होंगी बल्कि पर्यावरण के लिए भी राहत बनेंगी। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत केंद्र सरकार की सौगात के रूप में यह बसें वर्ष 2026 के मध्य तक अलग-अलग रूटों पर संचालन में आ जाएंगी। इसके लिए नगर निगम बीकानेर ने चार्टर्ड स्पीड नामक निजी फर्म से करार कर लिया है, और अब फाइलों से निकलकर प्रोजेक्ट जमीन पर उतरने की दिशा में बढ़ चुका है।
ई-बसों का मुख्य डिपो महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के सामने गोचर भूमि में बनेगा, जहां 5 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। यहीं से सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक बसें शहर और आसपास के इलाकों में दौड़ेंगी, और रात को यहीं चार्ज होकर अगले दिन फिर सड़कों पर उतरेंगी। सरकार की सब्सिडी नीति के चलते अलग-अलग साइज की बसों पर 20 से 35 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जिससे यह प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से भी मजबूत होगा।



