शीतलहर के बढ़ते असर के बीच आखिरकार जिला प्रशासन को भी ठंड का एहसास हो गया है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, सीबीएसई स्कूलों, आंगनबाड़ियों और मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 8 से 10 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है।
हालांकि राहत सबको बराबर नहीं मिली। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पूरी छुट्टी नहीं दी गई है, बल्कि उनके लिए स्कूल का समय थोड़ा “दयालु” करते हुए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक तय किया गया है, ताकि ठंड और पढ़ाई—दोनों का संतुलन बना रहे।
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षक और अन्य स्टाफ अपने निर्धारित समय पर विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे। यानी बच्चों को ठंड से बचाने की कोशिश है, लेकिन सिस्टम को ठंड नहीं लगती।
जिला प्रशासन ने सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों की सख्ती से पालना करवाई जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या आदेशों की अनदेखी होने पर संबंधित संस्था प्रधान के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस फैसले से नन्हे विद्यार्थियों को ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बड़े बच्चे और शिक्षक अब भी यही सोच रहे हैं कि असली आपदा ठंड है या टाइम टेबल।




