बीकानेर से बड़ी खबर —खेजड़ी कटाई के विरोध में 2 फरवरी को बीकानेर में आयोजित महापड़ाव अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। हर दिन नए नाम, नए काफिले और नया जनसमर्थन जुड़ता जा रहा है।
अब इस आंदोलन को आनंदपाल सिंह के भाई मंजीतपाल सिंह सांवरद का भी खुला समर्थन मिल गया है। मंजीतपाल सिंह ने ऐलान किया है कि वे सांवराद गांव सहित पूरे जिले से करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ 2 फरवरी को बीकानेर कूच करेंगे।मंजीतपाल सिंह ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “सरकार के तथाकथित विकास और पर्यावरण विरोधी नियमों के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। भारी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों के साथ बीकानेर आ रहा हूं। पेड़ बचेगा तो राजस्थान बचेगा — ये कोई नारा नहीं, सच्चाई है।”
खेजड़ी, जिसे राजस्थान की जीवनरेखा कहा जाता है, आज कट रही है और सवाल यह है कि क्या सरकार को पेड़ दिखते नहीं, या दिखकर भी अनदेखी की जा रही है?
2 फरवरी को बीकानेर में होने वाला महापड़ाव अब सिर्फ खेजड़ी के लिए नहीं, बल्कि नीति, नीयत और जिम्मेदारी पर सवाल बन चुका है। अब देखना यह होगा कि सरकार आवाज़ सुनेगी या फिर हमेशा की तरह “स्थिति पर विचार” करती रहेगी
आनंदपाल सिंह के भाई मंजीतपाल सिंह सांवरद का भी खुला समर्थन मिल गया है,2 फरवरी के बीकानेर महापड़ाव को मिल रहा जनसैलाब, अब सरकार की बारी…

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