जनता ने नहीं मांगा, फिर भी थमा दिया गया UGC कानून — बीकानेर जिला मुख्यालय पहुंचे महिपाल सिंह मकराना कानून के विरोध में,देखे वीडियो

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के...
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बीकानेर में यूजीसी कानून के विरोध ने अब सड़क का रास्ता पकड़ लिया है। सामान्य वर्ग की आवाज़ लेकर महिपाल सिंह मकराना जिला मुख्यालय पहुंचे और सरकार को एक साफ संदेश सौंपा—“जिस कानून की किसी ने मांग ही नहीं की, उसे जबरन क्यों थोपा गया? ”30 जनवरी 2026 को बिदासर हाउस से जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च कर यह जताने की कोशिश की गई कि जनता अब चुप बैठने के मूड में नहीं है। राजपूत, ब्राह्मण और वैश्य (बनिया) समाज के लोगों ने एक सुर में इस कानून का विरोध किया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में असली जरूरतों की फाइलें धूल खा रही हैं, जबकि ऐसे कानून “फ्री डिलीवरी” में थमा दिए जा रहे हैं—जिनकी मांग न जनता ने की, न समाज ने।
महिपाल सिंह मकराना ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते यूजीसी कानून वापस नहीं लिया गया, तो इसका विरोध केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विधानसभा तक गूंज तय है। बीकानेर की सड़कों पर उठा यह सवाल अब सरकार के लिए असहज हो चुका है—कानून जनता के लिए बनते हैं या जनता को कानूनों के हिसाब से ढाला जा रहा है?

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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