बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम हॉस्पिटल में एक बार फिर अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई। माइक्रोबायोलॉजी लैब में ऐसा दृश्य सामने आया जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया—लैब में कोई स्टाफ मौजूद नहीं, सैंपल खुद ही टेबल पर छोड़ने के निर्देश!
मरीजों से कहा गया— “सैंपल टेबल पर रख दो… रिपोर्ट कल ले जाना।”
यानी पूरा सिस्टम बिना मानव निगरानी के चलता हुआ पाया गया।
यह स्थिति तब उजागर हुई जब भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष भगवान सिंह मेड़तिया, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष वेद व्यास और मीडिया प्रभारी भव्य दत्त ने मौके पर पहुंचकर वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में साफ दिखा कि पूरी लैब खाली पड़ी थी, और सैंपल बिना किसी व्यवस्था के इधर-उधर रखे थे। कुछ लोगों का दावा था कि यह “नई तकनीक आधारित व्यवस्था” है—एक तरह की स्वचालित लैब प्रक्रिया, जिसमें व्यक्ति की उपस्थिति आवश्यक नहीं। दावा यह भी किया गया कि यह राजस्थान की पहली ऐसी लैब है।
लेकिन मौके पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं ने इसे “गंभीर लापरवाही” करार दिया। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय निगरानी बेहद ज़रूरी है। बिना पर्यवेक्षण के जांच प्रक्रिया गलत रिपोर्ट दे सकती है और मरीजों की जान को खतरा पैदा कर सकती है।

