खेजड़ी बचाओ महापड़ाव आज एक अहम मोड़ पर पहुंचकर समाप्त हुआ। मंत्रियों के साथ हुई वार्ता को सफल बताया गया है और शाम को विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा लिखित आश्वासन देने की बात कही गई है। कानून इसी सत्र में लाने का भरोसा दिया गया है, जिसके बाद आमरण अनशन से सभी को शाम तक उठाया जाएगा। धरना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उसका स्वरूप छोटा किया जाएगा। जब तक कानून बनकर लागू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आज से किसी भी खेजड़ी की कटाई नहीं होने की लिखित सहमति मिलने की बात कही गई है। इस पूरे आंदोलन में पर्यावरण प्रेमियों, संत समाज और आम जनता ने जो एकजुटता दिखाई, यह साफ कर दिया कि जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस फैसले चाहती है। देर से सही, लेकिन बात रखने वाले जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद भी किया गया।
⚠️ हालांकि एक सवाल अब भी बाकी है —
चार दिनों तक चले इस ऐतिहासिक महापड़ाव में बीकानेर के स्थानीय विधायक और सांसद जी एक बार भी धरना स्थल पर नजर नहीं आए। जनता के बीच यह चर्चा रही कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही सक्रिय क्यों दिखते हैं?
महापड़ाव खत्म हुआ, लेकिन जनता की याददाश्त नहीं।
अब देखना यह है कि कानून कब बनता है और कौन जनता के साथ खड़ा दिखाई देता है — सिर्फ पोस्टर में या ज़मीन पर भी।
महापड़ाव आखिरकार सफलता पूर्वक खत्म…स्थानीय विधायक और सांसद जी आज तक भी “दिखाई नहीं दिए”

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Puchta Hai Bikaner की शुरुआत बीकानेर की असली समस्याओं को लोगों तक पहुँचाने की पहल के रूप में हुई थी। हमारी टीम बिना किसी लाग-लपेट के शहर और प्रदेश की आवाज़ आप तक पहुँचाने का काम कर रही है।"
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